क्या है सौभाग्य योजना हर घर बिजली

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saubhagya yojana kya hai
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सौभाग्य योजना : आज के समय में इंसान के जीवन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चीज़ “बिजली” है। “बिजली” के बिना आज के समय में आप अपने जीवन जीने के बारे में सोच भी नहीं सकते। जब कभी बिजली एक पल के लिए जाती है। तो हम परेशान हो उठते है हमारे कामकाज रुक से जाते है। सोचिये उन 4 करोड़ घरों के बारे में और उनमे रह रहे तमाम लोगों के बारे में जिनके पास आज भी बिजली नहीं है। जब आपके यहाँ कुछ पल के लिए ही बिजली जाती है तो आप व्यथित हो उठते है ये लोग तो न जाने कितने समय से अँधेरे मैं रहने को मजबूर है । केंद्र सरकार ने इन्ही अँधेरे मैं जीवन यापन करने को मजबूर इन लोगों के घरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की है। यह योजना इन लोगों के जीवन में उजाला करने का एक प्रयास केंद्र सरकार ने किया है।

इस सोमवार 25 सितंबर को दिल्ली से भारत के प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर “सौभाग्य योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश् हर घर बिजली पहुंचाना है। भारत में आज भी बहुत सारे लोग व गरीब परिवार अँधेरे मैं रहते है। इस योजना से सरकार ने उस अँधेरे को खत्म करके उनके जीवन मैं भी रौशनी लाने की पहल की है। ये योजना जिसका नाम “प्रधानमंत्री सहज बिजली योजना-सौभाग्य” है उसको शुरू करने का मुख्या उद्देश् है अँधेरे मैं रह रहे 4 करोड़ लोगों को मुफ़्त बिजली मुहैया कराना। भारत सरकार का ये सराहनीय कदम है। आइये जानते है “प्रधानमंत्री सहज बिजली योजना-सौभाग्य” के बारे में

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प्रधानमंत्री सहज बिजली योजना – सौभाग्य

सौभाग्य योजना के पूरा करने के लिए दिसंबर 2018 तक का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार दिसंबर 2018 के अंत तक सारे घरों को रोशन कर दिया जायेगा। इस योजना से भारत सरकार देश के दूरगामी इलाकों तक बिजली पहुंचाने जा रही है। जहाँ बिजली पहुंचाने के लिए पर्याप्त साधन नहीं है वहां पर सोलर पैनल लगा कर बिजली मुहैया करायी जायेगी। इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा गावँ व शहर में बस रहे गरीबों को होगा।

केंद्र सरकार ने सौभाग्य योजना पर 16,320 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है । इसके लिए 12,320 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया है।
सौभाग्य योजना के लिए केंद्र सरकार से 60 फीसदी अनुदान राज्यों को दिया जायेगा। जबकि राज्य अपने फंड में से 10 फीसदी रकम खर्च करेंगे और बची हुयी शेष 30 फीसदी राशि बैंकों से बतौर ऋण लिए जायेंगे। विशेष राज्यों को केंद्र सरकार से योजना का 85 फीसदी अनुदान दिया जायेगा। जबकि उसे अपने फण्ड से मात्र 5 फीसदी खर्च करने होंगे और बैंकों से सिर्फ 10 फीसदी ही कर्ज लेने होंगे।

लाभान्वितों का चयन कैसे होगा ?

बिजली के मुफ़्त कनेक्शन के लिए 2011 की जनगणना को माध्यम बनाया जायेगा। बिजली मुहैया कराने के लिए 2011 की जनगणना से सामाजिक , आर्थिक और जातीय आंकड़ों के जरिये बिजली मुहैया करायी जायेगी।

जो घर या परिवार 2011 की जनगणना में शामिल नहीं हो सके थे वो भी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते है। उनको बस 500 रुपये अदा करने होंगे। उसके बाद में वो बिजली का कनेक्शन प्राप्त कर सकते है। यह 500 रुपये भी एक साथ नहीं देने पड़ेंगे । इन 500 रुपये को 50 रूपये की 10 किस्तों में सरकार द्वारा वसूल किया जायेगा।

मोबाइल एप्प का इस्तेमाल  :

प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा मोबाइल एप्प का इस्तेमाल किया जायेगा। बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन से लेकर , सौभाग्य से जुडी सारी जानकारी एप्प पर उपलब्ध करायी जायेगी। आप अपने बिजली कनेक्शन को अपने मोबाइल से एप्प के जरिये रिचार्ज करा सकेंगे। ठीक वेसे जैसे मोबाइल या dth का रिचार्ज कराते है ठीक वेसे ही बिजली कनेक्शन भी रिचार्ज करा सकेंगे। इसके लिए आप सरकार की भीम(BHIM) APP का इस्तेमाल कर सकते है।

इस योजना में भी सरकार ने digitalization को अपनाया है। सरकार के लिए digitalization शुरू से ही बहुत प्यारा रहा है । देश में इस वक़्त वेसे भी digitalization की क्रान्ति चली रही है।

सौभाग्य योजना से होने वाले फायदे

सौभाग्य योजना के तहत एक LED लाइट और एक चार्जिंग पॉइंट दिया जायेगा। चार्जिंग पॉइंट से आप अपने मोबाइल को चार्ज कर सकेंगे। सुदूर इलाकों में रह रहे लोग जहाँ पर बिजली को पहुंचाना संभव नहीं है वहां पर रह रहे लोगों को सरकार की तरफ से पॉवर पैक दिया जायेगा। सरकार के द्वारा 200 से 300 WP का सोलर पॉवर पैक दिया जायेगा। इस पॉवर पैक के साथ 5 LED बल्ब, 1 पंखा , 1 पॉवर प्लग दिया जायेगा। सरकार ने 5 साल तक मैन्टेनेंस का जिम्मा भी अपने ऊपर लिया है। इस पॉवर पैक की निगरानी और रिपेयरिंग सब 5 साल तक सरकार के द्वारा की जायेगी।

सरकार के अनुसार बिजली के इस्तेमाल से घरों में केरोसिन और पुराने साधनो का उपयोग कम होगा और इससे पर्यावरण को भी सुधारा जायेगा। हर घर बिजली होगी तो लोगों में चीज़ों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। रेडियो , टीवी और मोबाइल के माध्यम से शिक्षा के स्तर में भी सुधाऱ आएगा और जब शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा तो रोजगार भी बढ़ेगा।

सौभाग्य योजना से बढ़ेगा रोजगार

सौभाग्य योजना पर सरकार ने 16,320 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि खर्च करने का निर्णय लिए है हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य 2018 के अंत तक रखा है। अगर देखा जाए तो सरकार को हर दिन में लगबग 87,000 कनेक्शन देने होंगे । तभी वह तय सीमा के अंदर सभी घरों में बिजली पहुंचा सकते है। इसके लिए बहुत सारे लोगों की जरुरत भी पड़ेगी जिससे रोजगार उत्पन्न होगा।

सरकार ने 4 करोड़ परिवारों को उजाले में लाने के लिए सही दिशा में कदम उठाया है। इसके लिए सरकार की तारीफ की जानी चाहिए । अब देखना ये जरूरी है की सरकार किस तरह से इस योजना पर अम्ल करती है। आशा करते है की यह योजना 4 करोड़ घरों से अँधेरा मिटाएगा।

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