The History of computer in Hindi ~ कंप्यूटर का इतिहास परिचय विकास पर निबंध

History of computer in Hindi : दोस्तों आज कंप्यूटर हमारे दैनिक जीवन का एक अहम् हिस्सा बन चूका है. जहाँ कंप्यूटर आज व्यावसायिक क्षेत्र से लेकर एजुकेशन, साइंस, टेक्नोलोजी, इन्टरनेट इत्यादि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है वहीँ गेम खेलना, song सुनना, movie देखने से लेकर और भी बहुत सारे काम आ रहा है. लेकिन क्या दोस्तों आपको computer ka itihas पता है अगर नहीं तो ये निबन्ध आपके लिए जिसमे आज आपको computer ka parichay, itihas और computer ka vikas के बारे में पूरी जानकारी देगा.

कंप्यूटर का हिंदी नाम :

कंप्यूटर का हिंदी नाम ‘संगणक है क्योंकि यह बड़ी से बड़ी गणना करने में सक्षम है. कंप्यूटर शब्द की उत्पति अंग्रेजी भाषा के ‘कंप्यूट’ शब्द से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना. अर्थात इसका सीधा सा अर्थ है कि कम्पूटर का विकास गणितीय गणनाओं को हल करने के लिए किया गया है.

कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया :

“चार्ल्स बेबेज को कंप्यूटर का जनक या पिता कहा जाता है. चार्ल्स बेबेज एक गणित के प्रोफेसर थे जिन्होंने पहले कंप्यूटर का निर्माण किया.”

History of computer in Hindi :कंप्यूटर का इतिहास

दोस्तों क्या आप जानते है कि Computer शब्द का प्रयोग कंप्यूटर के निर्माण से भी पहले से प्रयोग होता आया है. पहले के समय में किसी भी गणना करने वाले यंत्र के संचालक विशेषज्ञ व्यक्ति को “computer” कहा जाता था. कंप्यूटर का इतिहास आज से लगभग 3000 वर्ष पुराना रहा है. मानव के लिए गणना करना शुरु से ही एक कठिन काम रहा है. बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन की सहायता से मनुष्य एक सीमित संख्या तक ही गणना कर सकता है. ज्यादा बडी गणना करने के लिए मनुष्य को मशीन पर ही निर्भर रहना पड़ता है. इसलिए इसी जरुरत को पूरा करने के लिए मनुष्य ने कंप्यूटर का निर्माण किया.

History of ABACUS in Hindi :

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इसके बाद सन 1622 में William Oughtred ने “slide rule” नाम के एक यंत्र का अविष्कार किया. Slide rule एक यांत्रिक एनालॉग कंप्यूटर है। इस यंत्र की सहायता से गुणा, भाग, रूट और त्रिकोणमिति के लिए किया जाता है जबकि slide rule की सहायता से जोड़ व घटने का कार्य नहीं किया जा सकता था. यह यंत्र भी computer के क्रमिक विकास का ही एक हिस्सा था.

अबेकस के बाद Pascaline का निर्माण हुआ। सन् 1642 में इसे फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने बनाया था. यह अबेकस से भी तेज गति से गणना करता था। यह अपने प्रकार का पहला मैकेनिकल कैलकुलेटर था। इस मशीन को Adding Machine कहा जाता था. यह मशीन 10, 100, 1000 तक के अंकों को जोड़ने घटाने का काम कर सकती थी.

सन 1672 ई० में Gottfried Wilhelm Leibniz नामक वैज्ञानिक नें “Leibniz Stepped Reckoner” नाम की एक कैलकुलेटर मशीन का निर्माण किया था. जो जोड़, घटाना, गुणा और भाग जैसी सभी प्रकार की गणनाएं करना कर सकती थी. यह एक ऐसा अविष्कार था जिसने computer के विकास को एक नया आयाम दिया.

अभी तक जितने भी अविष्कार गणना करने वाली मशीन को बनाने में हुए थे वह आधुनिक कंप्यूटर से सैकड़ों साल दूर थे. विज्ञान ने प्रगति की और सन 1822 ई० में एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक “चार्ल्स बैबेज” नें एक आधुनिक सी मशीन का निर्माण किया. इस मशीन का नाम था “Difference Engine“. यह यांत्रिक कंप्यूटर का आधुनिक डिजाइन था.
उसके बाद सन 1837 ई० में Charles babbage ने एक और मशीन का निर्माण किया इसका नाम “एनालिटिकल इंजन” था. यह भाप से चलने वाला एक स्वचालित यांत्रिक कैलक्यूलेटर था. यह बिलकुल सटीक तरीके से गणनायें करने में सक्षम था. इसके ही आधार पर आज के कई कंप्यूटर काम कर रहे हैं. हालाँकि वह इस प्रोजेक्ट को पैसों की कमी के कारण पूरा नहीं कर पाए. और उनके इस प्रोजेक्ट को पूरा किया “हथर्न होलेरीथ” ने. चूँकि इस प्रोजेक्ट का डिजाईन चार्ल्स बैबेज ने तैयार किया था. इसलिए उन्हें आधुनिक कंप्यूटर का जनक कहा जाता है.

कंप्यूटर की पीढियां : Computer Generations

History of computer in Hindi :इसके बाद कंप्यूटर के विकास का युग आया और पीढ़ियों ने जन्म लिया और ये पीढियां थी Generations. कंप्यूटर की अब तक 5 Generations आ चुकी है. आज हम पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर का प्रयोग का रहे है.

  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर Vaccum Tubes पर आधारित थे. इस प्रकार के कंप्यूटर 1940 से लेकर 1956 तक प्रयोग होते रहे. इस प्रकार का कंप्यूटर एक कंट्रोल रूम जितना बड़ा था. इस प्रकार के कंप्यूटर में डाटा सेव नहीं किया जा सकता था और यह प्रोजेक्ट खर्चीला भी बहुत था.
  • इसके बाद सन 1956 में दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर का अविष्कार हुआ इस पीढ़ी में Vaccum Tubes की जगह ट्रॉजिस्‍टर का प्रयोग हुआ जिसकी वजह से इनके आकार में भी परिवर्तन आया. अब यह कंप्यूटर पहली पीढ़ी के कंप्यूटर से छोटा था. इस पीढ़ी के कंप्यूटर का प्रयोग 1964 तक हुआ.
  • रिसर्च चलता रहा और सन 1964 में कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी आई. इस तीसरी पीढ़ी ने कम्‍प्‍यूटरों को IC (आई.सी.) दिया. इस प्रयोग में कंप्यूटर का स्वरुप ही बदल चूका था. यह प्रथम और द्वितीय पीढि़यों की अपेक्षा बिलकुल भिन्न था. इसका आकार और वजन बहुत ही कम था. इसे एक जगह से दूसरी जगह लाने ले जाने में आसानी होने लगी. इनका आकार आज के कंप्यूटर के अपेक्षाकृत  बड़ा था लेकिन आकार से कुछ मिलता जुलता था.
  • इसके बाद 1971 में कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी आई  इस पीढ़ी में IC को और भी अधिक विकसित किया गया. जिससे एक नया अविष्कार हुआ “Large Integrated Circuit” का. इस तकनीक ने पूरी सेन्‍ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को एक छोटी सी चिप में कर दिया. इसे माइक्रो प्रोसेसर कहते है. इस प्रकार के कंप्यूटर का प्रचलन 1985 तक रहा.
  • फिर आई आज की पांचवी पीढ़ी 5th Generation. इस पीढ़ी की शुरुआत हुई 1985 से. आज हम जिस लैपटॉप या कंप्यूटर का प्रयोग कर रहे है वो पांचवी पीढ़ी से है. ये बहुत ही ज्यादा विकसित है. ये इतने विकसित है की वैज्ञानिक इन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता देने के लिए रिसर्च कर रहे है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उदाहरण आपको रजनीकांत की फिल्म रोबोट में मिलता है.

कंप्यूटर छठी पीढ़ी कब आती है और इनका स्वरुप क्या होगा ये तो भविष्य के पेट में है. दोस्तों ये था History of computer in Hindi. अगर दोस्तों आपको “कंप्यूटर का इतिहास परिचय विकास पर निबंध” की जानकारी अच्छी लगी तो लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों को भी शेयर करे.

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कुलदीप मनोहर Kyahai.net हिंदी ब्लॉग के Founder हैं. मै एक Professional Blogger हूँ और SEO, Technology, Internet से जुड़े विषयों में रुचि रखता हूँ. अगर आपको ब्लॉगिंग या Internet जुड़ी कुछ जानकारी चाहिए, तो आप यहां बेझिझक पुछ सकते है. हमारा यह मकसद है के इस ब्लॉग पे आपको अच्छी से अच्छी जानकारी मिले.

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