Kya hai Movie AirLift ki Kahani

movie airlift

दोस्तों अक्षय कुमार की movie AirLift 22 जनवरी को रिलीज हो रही है| आज हम आपको बताते है क्या है कहानी इस movie की | फिल्म की कहानी 90 के दशक में कुवैत संकट पर बनी है। ये वो वक्त था जब खाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत में बसे लाखों भारतीय वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां से बाहर निकलने की कोई उम्मीद नहीं बची थी। ऐसे वक्त में एक शख्स आशा की किरण बनकर आया जिसने एक लाख 70 हजार लोगों की जान बचाई। इस बात में कितनी सच्चाई है इसकी कभी आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हुई। कभी भी सरकार या किसी अधिकारी या एयर इंडिया ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है। यहां तक कि खुद ये शख्स आज तक सामने नहीं आया न ही सोशल मीडिया पर उसकी कोई तस्वीर मिलती है। रंजीत कत्याल नाम भी फिल्म में बताया गया है, इसका असली नाम भी कोई नहीं जानता। अगर लोगों के द्वारा बताई गई कहानी पर यकीन करें तो कुवैत का एक अरबपति कारोबारी था, जिसने इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया और 1 लाख 70 हजार लोगों की जान बचाई।
कौन था वो रहस्यमयी कारोबारी जिस पर बनी है

movie airlift अक्षय की फिल्म एयरलिफ्ट की कहानी उसी रहस्यमयी कारोबारी की कहानी है। फिल्म में उस कारोबारी का नाम रंजीत कत्याल रखा गया है। उस कारोबारी का असली नाम क्या है रंजीत है या कुछ और इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। कहा जाता है कि 1990 जब में कुवैत सद्दाम हुसैन की दहशत से कांप रहा था तब वहां के लोग रातोंरात सऊदी अरब में शरण पाने के लिए रातोंरात पलायन कर रहे थे।

उस वक्त वहां रह रहे एक लाख सत्तर हजार भारतीय एंबेसी से याचना कर रहे थे कि किसी तरह उन्हें वहां से निकाला जाए। उस वक्त विश्वनाथ प्रताप सिंह प्रधानमंत्री थे। ये ऐसा दौर था जब विश्व के ताकतवर देश इराक से बेहद नाराज थे और ऐसे हालात में भारत की सरकार अपने लोगों को छुड़ाने के लिए सीधे इराक से बात करने में कतरा रही थी।

भारत सरकार अपने लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए और दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही थी, ऐसे में कुवैत में रहने वाला एक अनजान कारोबारी लोगों की मदद के लिए सामने आया। उस कारोबारी ने लोगों को बचाने का बीड़ा उठाया, वह बहुत अमीर व्यक्ति था और इस नाते कुवैत के प्रभावशाली लोगों में उसकी अच्छी पकड़ थी।

कुवैत में हालात बद से बदतर होते जा रहे थे, भारतीय सेना सीधे तौर पर कुछ नहीं कर पा रही थी। ऐसे में उस कारोबारी ने विश्व का सबसे बड़ा बचाव अभियान शुरू करने का फैसला खुद के दम पर किया। उसने कुवैत के युद्ध प्रभावित हिस्सों में फंसे भारतीयों को अम्मान ले जाना शुरू किया। अम्मान ही वो जगह थी जहां से भारतीय विमान अपने लोगों को सुरक्षित ले जा सकते थे।

सबसे पहले वृद्ध, बच्चो और महिलाओं को ले जाने का काम शुरू किया गया। ये अभियान 60 दिन तक चला, जिसमें भारत उस कारोबारी की मदद से एक लाख सत्तर हजार भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में कामयाब रहा। अभियान खत्म होने के बाद इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में शामिल किया गया, क्योंकि विश्व में अब तक इतना बड़ा बचाव अभियान केवल एक व्यक्ति की मदद से संभव हो सका था। खास बात इस अभियान में भारत की सिविल एयर लाइन (एयर इंडिया) ने ये करिश्मा किया, क्योंकि गुजराल और सद्दाम के गुप्त समझौते के तहत हमारी सेना कुवैत में प्रवेश नहीं कर सकती थी। अक्षय कुमार फिल्म ‘एयर लिफ्ट’ में उसी कारोबारी जिसका फिल्म में नाम रंजीत कत्याल है की भूमिका निभाने जा रहे हैं।