गठित होगा वैदिक शिक्षा बोर्ड : मोदी सरकार ने दिए 6 करोड़ रूपये

vaidik shiksha board
मानव संसाधन विकास मंत्रालय उज्जैन के एक स्वायत्त संस्था महार्षि संदिपानी राष्ट्रीय विद्या प्रतिष्ठान (MSRVVP) के साथ मिलकर एक नया एग्जामिनेशन बोर्ड बनाने की तैयारियों में लगा है जो की CBSE की तरह ही काम करेगा।  प्रमुख अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इसके लिए सरकार की तरफ से 5 सदस्यों की एक टीम को काम पर लगा दिया गया है। इस टीम का नेतृत्व देवी प्रसाद त्रिपाठी, MSRVVP के सचिव कर रहे हैं।
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वैदिक शिक्षा के गठन के लिए तकरीबन छ: करोड़ रुपए की मांग सचिव के द्वारा की गई है| ज्ञात हो कि यह बोर्ड सरकार के अन्य बोर्ड सीबीएसई की तरह ही काम करेगी | महर्षि संदिपानी राष्ट्रीय विद्या प्रतिष्ठान की स्थापना 1987 मे उज्जैन में की गई थी| जिसका मकसद था वैदिक शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना| यह संस्थान अपने स्तर पर दसंवी और बारहवीं की परीक्षाएं भी करवाता है, पर उनको फिलाहल कई बड़े संस्थानों द्वारा मान्याता नहीं दी जाती है |
बोर्ड की मान्यता मिलने के बाद वैदिक शिक्षा में अधिक से अधिक छात्रों की रुची लेने की संभावना बढ़ सकती है| फिलहाल इस संस्थान से तकरीबन 10 हजार बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं| अगर बोर्च का गछन संभव हुआ तो यह आंकड़ा 40 हजार तक पहुंचने का अनुमान है| जिसमे वेद और संस्कृत को मुख्य विषयों के तौर पर शामिल किया जाएगा|