योगी सरकार का फैसला उत्तर प्रदेश में बंद होंगे गैर मान्यता प्राप्त 1298 मदरसे

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1298 madrasa band honge
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश में बिना मान्यता के चल रहे 1298 मदरसों पर गाज गिराने की तैयारी कर ली है. ये वो मदरसे है जो सरकार के मानकों के अनुरूप नहीं है. उत्तर प्रदेश में कई मदरसे बिना सरकारी मान्यता के चल रहे हैं उन्हें बंद किए जाने की कार्यवाही की जाने वाली है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उन मदरसों पर कार्रवाई करने की योजना बना रही है जो सिर्फ दीनी मान्यता पर चल रहे हैं, जबकि उनके पास सरकार की ओर से कोई मान्यता नहीं है. ये वो मदरसे हैं जो दारुल ऊलूम, नदवां, देवबंद जैसे संस्थानों की मान्यता के आधार पर चल रहे हैं जिन्हें सरकार ने मान्यता नहीं दी है.

उत्तर प्रदेश में बंद होंगे गैर मान्यता प्राप्त 1298 मदरसे

उत्तर प्रदेश योगी सरकार इन तमाम मदरसों की स्क्रीनिंग करव रही है. इस मदरसों को 30 दिन का समय मिला है ताकि वो अपनी मान्यता सम्बन्धी प्रक्रियाओं को पूरा कर ले ऐसे में जो मदरसे सरकारी मान्यता प्राप्त करने में असफल हो जायेंगे उनको बंद कर दिया जायेगा. वर्तमान समय में कुल 1298 मदरसों की स्क्रीनिंग चल रही है. सरकार के इस कदम को लेकर कई मदरसा संचालक नाराज है उनका कहना है कि अभी तक ये मदरसे दारुल ऊलूम, नदवां, देवबंद जैसे संस्थानों की मान्यता के आधार पर चल रहे थे और कई ऐसे शिक्षण संस्थान भी है जो अन्य शिक्षण संस्थाओं की मान्यता पर कार्य कर रहे है क्या उनको बंद करने का आदेश सरकार लाती है.

1298 madrasa band honge
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यदि 30 दिन के भीतर ये मदरसे मान्यता प्राप्त करने में असफल हो जाते है तो इन मदरसों को बंद करने के साथ साथ मदरसा संचालकों को अवैध रूप से मदरसा सञ्चालन करने के जुर्म में झेल भी जाना पड़ सकता है. लिहाजा अगर 30 दिन के भीतर ये मदरसे मान्यता के दस्तावेजों को तैयार करके आवेदन नहीं करते हैं तो इनके खिलाफ अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की ओर से एफआईआर कराई जाएगी.

ज्ञात रहे उत्तर प्रदेश में कुल 560 मदरसे ही सरकार से अनुदान प्राप्त करते है. इससे पहले योगी सरकार ने मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रदेश में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले मदरसों का अनुदान रोक दिया था. इन तमाम मदरसों के खिलाफ जांच बैठाई गई थी. इसकी जांच के लिए डीएम, डीआईओएस और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की संयुक्त कमेटी का गठन किया गया था.

पहले ही बंद हो चुके है 46 मदरसे :

तकरीबन दो महीनों तक चली इस जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी है, जिसमें 46 मदरसों के भवनों को सही नहीं पाया गया है, यह तमाम भवन मानकों के अनुसार नहीं हैं. कमेटी की रिपोर्ट के बाद अल्पसंख्यक विभाग ने इन मदरसों की दी जाने वाली अनुदान राशि को रोक दिया है. जिसके चलते इन मदरसों में पढ़ाने वाले तमाम शिक्षकों की अप्रैल माह से लेकर अगस्त माह तक की सैलरी भी रुक गई है.

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