School Kholna hai Kaise khole puri jankari in Hindi

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School Kholna hai Kaise khole puri jankari in Hindi
School Kholna hai Kaise khole puri jankari in Hindi

School Kholna hai Kaise khole : दोस्तों अगर आप स्कूल खोलना चाहते है तो और आपको स्कूल खोलने की पूरी जानकारी नहीं है तो आज मैं आपको अपने इस लेख में पूरी जानकारी दूंगा जिसमे School kholne ke liye yogyta, School kholne me aane wali lagat और स्कूल की मान्यता कैसे प्राप्त करें इत्यादि की पूरी जानकारी दूंगा. तो आइये शुरू करते है School Kholna hai Kaise khole का लेख.

School Kholna hai Kaise khole puri jankari in Hindi

स्कूल को हमारे यहाँ विद्या का मंदिर माना जाता है कई लोग मात्र पैसे कमाने के उद्देश्य से स्कूल खोल कर बैठ जाते है अगर वह स्कूल अच्छे स्तर की शिक्षा मुहैया नहीं करा सकते तो वह न केवल उस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बुरा कर रहे है बल्कि यह एक तरीके से विद्या का भी अपमान कर रहे है। ऐसे स्कूलों में पढ़कर भारत की युवा पीढ़ी कमज़ोर होती है क्योंकि वहां पर शिक्षा को कम और पैसे को ज्यादा महत्व दिया जाता है। इस प्रकार की मानसिकता को हमें अपने अंदर से निकालने की जरुरत है।

अगर कोई भी व्यक्ति एक अच्छे उद्देश्य के साथ स्कूल खोलना चाहे और उसके जरिये दूसरो का भला करना चाहे तो वह भी किया जा सकता है। स्कूल चलाने में बहुत समय लगता है और अगर वो स्कूल चलाकर कुछ भी न कमा पाये तो यह उस व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के लिए भी बुरा है। इसीलिए कोई भी व्यक्ति एक अच्छे उद्देश्य के साथ खोले गए स्कूल से एक अच्छा मुनाफा भी कमा सकता है। अगर आपको भी School Kholna hai तो आइये जानते है school Kaise khole.

School Kholna hai Kaise khole : स्कूल खोलना है कैसे खोले

स्कूल खोलने से पहले आपको यह निर्धारित करना होगा की आप स्कूल कौन सी कक्षा तक खोलना चाहते है क्योंकि उसी के हिसाब से आपको उसके लिए जमीन, सामान और registration कराने होंगे। स्कूल कई प्रकार के होते है जैसे की प्ले ग्रुप, प्री-प्राइमरी और प्राइमरी । अगर आपने सोच लिया है की इनमे से आप किस प्रकार का स्कूल खोलना चाहते है तो आइये आगे बढ़ते है।

School Kholne ke liye awashyak bhumi :

1) विद्यालय के लिए भूमि : सबसे पहले आपको अपने स्कूल के लिये आवश्यक जगह की आवश्यकता होगी। आप यह जगह या तो किराए पर ले सकते है या फिर आपके पास अपनी कोई जगह है तो आप उसका इस्तेमाल कर सकते है।
आप प्री-प्राइमरी स्कूल को 3-4 कमरों वाली बिल्डिंग में आसानी से खोल सकते है। और अगर आप प्राइमरी स्कूल खोलना चाहते है तो आपको कम से कम 5 कमरे कक्षा के लिए, 1 ऑफिस रूम, 1 लाइब्रेरी और 1 स्टाफ रूम आदि की जरुरत पड़ेगी। इसके साथ ही टॉयलेट की उचित व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस तरह के स्कूल को आप 1000 से 1500 स्क्वायर फ़ीट की जमीन पर बना सकते है। उसके बाद आप अपने बजट के हिसाब से इसमें बदलाव भी कर सकते है।

School Kholna hai Kaise khole

(नोट : कुछ राज्यो में लाइब्रेरी के साथ-साथ स्कूल में ग्राउंड का होना भी अनिवार्य है इसलिए पहले सम्पूर्ण जानकारी एकत्र कर ले)

School Kholne ke liye Yogyta : Qualification to open school

2) विद्यालय खोलने के लिए योग्यता : स्कूल खोलने के लिए आपको बारहवी के बाद बी.एस.टी.सी. या डी.एल.एड. करना होता है अगर आप चाहे तो B.Ed भी कर सकते है। इसका प्री-एग्जाम आपको क्वालीफाई करना पड़ता है आपको उसके बाद ग्रेजुएशन करनी पड़ती है। इसमें एक दो साल प्रशिक्षण लेने के बाद आपको “IGNOO” से विद्यालय प्रबंधन या school management का कोर्स करना पड़ता है। इस सब को करने के बाद आपके पास 5 वर्ष तक स्कूल में पढ़ाने का अनुभव भी होना अनिवार्य है। तब कहीं जाकर आपको स्कूल खोलने के योग्य माना जायेगा और आप स्कूल खोल पाएंगे। (School Kholna hai Kaise khole).

School kholne me aane wali lagat :

3) लागत (Investment) : स्कूल खोलने की लागत बहुत कारणों से कम या ज्यादा हो सकती है। स्कूल की लागत उसमे इस्तेमाल किये गए सामान जैसे की प्राइमरी स्कूल में फर्नीचर की क्वालिटी आदि पर निर्भर करती है। इसलिए हम स्कूल खोलने में लगने वाली लागत का बिलकुल सटीक अनुमान नहीं बता सकते है. स्कूल खोलने में लगने वाली लागत बहुत ज्यादा भी हो सकती है अगर ठीक से प्लानिंग न की जाए तो। इसलिए स्कूल खोलने से पहले सारे खर्चो के बारे में गहन चिंतन कर ले।

स्कूल की मान्यता कैसे प्राप्त करें :

4) मान्यता कैसे प्राप्त करें :  मान्यता प्राप्त करने के लिए आपको कई प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। प्राथमिक स्कूल खोलने के लिए सबसे पहले आपको एक संस्था बनानी पड़ेगी। इस संस्था को कोई भी आठ-दस लोग मिल कर बना सकते है। उसके बाद आपको संस्था से जुड़ा प्रस्ताव लेकर रजिस्ट्रार के पास जाना होता है। जहाँ से आप रजिस्ट्रेशन के लिए apply करेंगे। रजिस्ट्रेशन में आपके 11 हजार रुपये खर्च होते हैं। यह पैसे संस्था के रजिस्ट्रेशन के लिए दिए जाते है। उसके बाद आपकी इस संस्था का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। और registration पूरा होते ही आपको आपकी संस्था का सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा।

इसके बाद आपको अपने विद्यालय के लिए काबिल अध्यापकों की एक टीम बनानी होगी । जो की आपके स्कूल में बच्चों को पढ़ाएंगे। ध्यान रहे कम से कम 2 अध्यापक B.ED किये हुए होने चाहिए। अप्रैल-मई में नए विद्यालय हेतु आॅनलाइन पंजीकरण किया जाता है अगर आप विद्यालय खोलना चाहते है तो आपको उसमे एप्लाई करना पड़ेगा। अप्लाई करने में आपके 2 हजार रुपये के आस-पास खर्चा होगा। उस फाॅर्म को भरने के बाद आपको अपनी संस्था के सर्टिफिकेट की एक काॅपी के साथ संलग्न करके D.E.O. कार्यालय में जमा करनी होगी। यहाँ पर आपको अपने डॉक्यूमेंट जमा करने के साथ 10 हजार रुपये भी देने होंगे।

यह सब प्रक्रिया सही तरह से पूरी होने के बाद कुछ दिन के बाद आपके विद्यालय को देखने के लिए कुछ कर्मचारी आएंगे। ये लोग आपके सारे डाॅक्यूमेंट और विद्यालय को देखेंगे। अगर विधालय सभी मानको पर सही उतरता है तो वो लोग आपको बता देंगे और उसके बाद से आप अपना स्कूल खोल सकते है।

5) मुनाफा (Profit) = यह चीज़ आपको सबसे आखिर में सोचनी चाहिए। की आप स्कूल से कितना मुनाफा कर सकते है। वैसे अगर सही प्लानिंग के साथ स्कूल को चलाया जाए तो आप स्कूल चलाकर अच्छा ख़ासा पैसा कमा सकते है। आइये जानते है कैसे?

मान लीजिये आपके स्कूल में कुल 100 छात्र पढ़ते है। और प्रत्येक छात्र की हर महीने की फीस 700₹ है तो यदि आपके पास 100 छात्र है तो आपकी सालाना कमाई 8,40,000 ₹ होगी। पर इसमें से आपको अपने टीचर्स को पैसे देने होंगे। बिजली का बिल और छोटे मोटे खर्चे मिला ले तो आप साल के 4,00,000 से 5,00,000₹ खर्च कर भी देते है तब भी आपके पास 2 से लाख रुपये बच रहे है। इसका मतलब आपकी कमाई 20-30 हज़ार महीना आराम से हो सकती है।

ये तो सिर्फ शुरूआती मुनाफे की बात की अगर आपके स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है तो माता पिता आपके स्कूल में अपने बच्चे को पढ़ाना चाहेंगे। और इसी तरह 100 छात्र का आंकड़ा भी बढ़ जायेगा और आपकी कमाई भी। आप चाहे तो अलग अलग कक्षा के लिए अलग अलग फीस भी रख सकते है।

तो दोस्तों इस प्रकार आप स्कूल खोलकर न केवल देश का भला कर सकते है बल्कि अपने लिए कमाई का एक अच्छा जरिया भी ढूंढ सकते है। आशा करता हूँ School Kholna hai Kaise khole लेख की जानकारी आपको अच्छी लगी होगी.

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